Author Archives: majdoorsamachar

Wars, Tragicomic Wars

Tragicomic Wars दुखद+हास्यास्पद, भद्दे युद्ध वाली इस सामग्री का हिन्दी अनुवाद कठिन लग रहा है। नये सिरे से इसे हिन्दी में लिखने का प्रयास हम करेंगे। इस बीच गूगल अनुवाद से काम चलायें। ● Be they the epic wars like … Continue reading

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●काम-संविधान-विज्ञान●

प्रवेश : आरम्भ के लिये कुछ बातें। ●11 मई 2020 की पोस्ट नई समाज रचना के लिये इस अत्यन्त जीवन्त समय में काम-संविधान-विज्ञान पर बहुत-ही ज्यादा विचार-विमर्श प्राथमिक आवश्यकताओं में लगता है। इस बारे में व्यापक आदान-प्रदान अनिवार्य आवश्यकताओं में … Continue reading

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● सही होने के दावों के सन्दर्भ में | In the context of claims of being correct●

— अत्यधिक जटिलतायें। प्रत्येक गतिशील। भिन्न गतियाँ। परस्पर प्रभावित। — सम्भावना। घनत्व। — वर्तमान में व्यवहार, निकट भविष्य में व्यवहार के लिये तैयारी मानव प्रजाति की धुरी लगती है। (कुछ नहीं करना को व्यवहार में रख रहे हैं।) — व्यवहार … Continue reading

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●● मार्च 2020 के बाद मार्च 2022 में

# फरीदाबाद और आई एम टी मानेसर में कुछ स्थानों के बाद शनिवार, 21 मार्च 2020 को “मजदूर समाचार पुस्तिका एक” के साथ सुबह की शिफ्टों के समय हम फरीदाबाद में थर्मल पावर हाउस रोड़ पर थे। फैक्ट्री मजदूरों में … Continue reading

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● दस पन्ने की पुस्तिका●

# आपका, आप लोगों का अनुमान यह है। मेरा, हम लोगों का आंकलन यह है। बातचीत करते हैं। आदान-प्रदान करते हैं। आपको कुछ सही लगे तो उसे ले लें। जो सही नहीं लगे उसे छोड़ दें। ऐसा ही हम करेंगे। … Continue reading

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●● फिर फैक्ट्री में साढे बाइस घण्टे●●

फैक्ट्री में चार सौ मजदूर हैं। बीस-पच्चीस परमानेन्ट मजदूर हैं और बाकी सब एक ठेकेदार कम्पनी के जरिये रखे गये हैं। दो शिफ्ट 12-12 घण्टे की। ओवर टाइम का भुगतान दुगुनी दर की बजाय सिंगल रेट से। रविवार को साप्ताहिक … Continue reading

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Readings | An interaction in an intellectuals Whatsapp group, Theory Network during 11-12 February 2022.

●● Questions For Alternatives (8) (Translation of a January 2000 write-up) ● Heights and their vertiginous attraction Eulogies of excellence. Creating aspirations to reach the top. Encouraging an upward ascent: higher, topmost, more peaks to conquer … All of this … Continue reading

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●अनुमान, पढना, आँकना, रीडिंग●

## पढना एक बहुत ही अनोखी चीज है। वह अक्षर जानने से पहले आ जाती है। अक्षर उसे धार भी देते हैं और धुँधला भी देते हैं। — हाँ। पढने की क्षमता अक्षर ज्ञान से पहले से होती है। मेरी … Continue reading

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● बाल मन●

8 फरवरी,2022 को छत पर धूप सेंक रहा था। ऑनलाइन पढाई के बाद चौथी कक्षा की बुलबुल आई। “नाना कविता सुनाऊँ?” “सुनाओ। अपनी बनाई है तो सुनाओ।” स्वार्थी चिड़िया शीर्षक पर मेरे नाक-भौं सिकोड़ने पर भी वह सुनाई। फिर मेरा … Continue reading

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●● Imagining A Near Future●●

[Context: In a Whatsapp group, De-Domestication, a friend’s post: “Dear all, Will it be possible for us to put together every 5th or 10th year something like Future Year Book of India / South Asia 2023 or 2024 ? It … Continue reading

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